“Kalki 2898 AD” Review: प्रभास और अमिताभ की दमदार जोड़ी ने मचाया धमाल, लेकिन गेम-चेंजर बनने से रह गई एक कदम पीछे!
भारतीय पौराणिक कथाओं में अच्छाई बनाम बुराई, देवता बनाम राक्षस, अंधकार बनाम प्रकाश की कहानियों की कोई कमी नहीं है। इसी धरोहर को भविष्य की दुनिया से जोड़ते हुए निर्देशक नाग अश्विन ने “Kalki 2898 AD” में महाभारत की कहानियों को एक डिस्टोपियन साइ-फाई ब्रह्मांड में पिरोया है। फिल्म का संदेश साफ है — हीरो पैदा नहीं होते, हालात उन्हें बनाते हैं।
सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक है अमिताभ बच्चन को अश्वत्थामा के रूप में कास्ट करना — कुरुक्षेत्र युद्ध का एकमात्र जीवित योद्धा, जो कहानी की रीढ़ है। उनके सामने हैं भैरव (प्रभास), जिनकी भिड़ंत से विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि का आगमन तय होता है।
फिल्म महत्वाकांक्षा में आसमान छूती है, विजुअल्स आपको दंग कर देते हैं, लेकिन लेखन और कहानी कहने में थोड़ी कमी रह जाती है।
कहानी की पृष्ठभूमि: 6000 साल बाद की दुनिया
फिल्म का नैरेटिव बार-बार अतीत और भविष्य के बीच कूदता है — कुरुक्षेत्र युद्ध से लेकर काशी और शंभाला तक। काशी अब अंतिम जीवित शहर है लेकिन गंगा सूख चुकी है, खाना-पानी दुर्लभ है। जीवन की सारी ज़रूरतें “कॉम्प्लेक्स” नाम के उल्टे पिरामिड जैसी विशाल इमारत में हैं, जहां आम लोगों का प्रवेश वर्जित है। इसे चलाता है सुप्रीम यास्किन/काली (कमल हासन)।
वहीं शंभाला एक गुप्त पनाहगाह है, जहां अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोग बेहतर भविष्य के लिए जान जोखिम में डालते हैं।
किरदार और उनकी दुनिया
- भैरव (प्रभास) – एक बेपरवाह बाउंटी हंटर, जिसका सपना है एक मिलियन यूनिट्स कमा कर कॉम्प्लेक्स में रहना।
- अश्वत्थामा (अमिताभ बच्चन) – अमर योद्धा, जो अपने अंतिम युद्ध के लिए तैयार है।
- समति/SUM-80 (दीपिका पादुकोण) – एक लैब कैद में पली महिला, जिसे बेहतर जिंदगी और मां बनने का सपना है।
- यास्किन (कमल हासन) – खलनायक, जिसकी एंट्री ही कहानी में डर भर देती है।
- बुज्जी – भैरव की AI पावर्ड वाहन (आवाज़ – कीर्ति सुरेश), जो कहानी में मजेदार ट्विस्ट लाती है।
क्या अच्छा लगा
- अमिताभ बच्चन का अश्वत्थामा लुक और स्क्रीन प्रेज़ेंस — सच में ‘आठ फीट के दैत्य’ जैसे लगते हैं।
- प्रभास का स्टार पावर और उनका मॉडर्न-डे सुपरहीरो अंदाज।
- सेट डिजाइन और विजुअल ट्रीटमेंट — कुरुक्षेत्र का युद्ध, कॉम्प्लेक्स का डार्क माहौल, शंभाला की शांति, सब बेहद खूबसूरत।
- एक्शन सीक्वेंस — भव्य, एनर्जी से भरपूर और बड़े पर्दे पर शानदार।
कहां कमी रह गई
- भैरव और रॉक्सी (दिशा पाटनी) का रोमांस ट्रैक कहानी की रफ्तार तोड़ देता है।
- कुछ कैमियो और कॉमेडी सीन ऐसे लगते हैं मानो इंस्टाग्राम रील के लिए बनाए गए हों।
- डायलॉग्स कई जगह असर नहीं छोड़ते।
- म्यूजिक मिक्स्ड बैग है — बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है लेकिन गाने कुछ समय लेते हैं जमने में।
फाइनल वर्डिक्ट
“Kalki 2898 AD” एक ब्रेव एक्सपेरिमेंट है — पौराणिक कथाओं को भविष्य की साइ-फाई दुनिया से जोड़ने की कोशिश शानदार है। भले ही रोमांस ट्रैक और डायलॉग्स कमजोर पड़ते हैं, लेकिन फिल्म का स्केल, स्टारकास्ट और विजुअल्स इसे देखने लायक बनाते हैं।
अगर आप प्रभास के एक्शन और अमिताभ बच्चन के दमदार अवतार के फैन हैं, तो ये फिल्म आपके लिए है।
रेटिंग: ⭐⭐⭐✨ (3.5/5)