India में नया Income Tax Bill पास: अब Tax Officer देख सकेंगे E-mail और Social Media, विपक्ष ने किया हंगामा

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लोकसभा में सोमवार (11 अगस्त 2025) को संशोधित इनकम टैक्स बिल 2025 बिना किसी बहस के और विपक्षी नारों के बीच पास कर दिया गया। विपक्ष बिहार में मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विरोध कर रहा था।

यह नया बिल इनकम टैक्स एक्ट 1961 को सरल, छोटा और ज्यादा स्पष्ट बनाने के साथ-साथ टैक्स अधिकारियों को नए और व्यापक अधिकार देता है—जिसमें सर्च ऑपरेशन के दौरान एजेंसी के पर्सनल ईमेल और सोशल मीडिया तक जबरन पहुंच बनाने का अधिकार भी शामिल है।

बिल में क्या-क्या बदला?

  • शब्दों की संख्या घटाई गई: 5.12 लाख से घटाकर करीब 2.59 लाख
  • अध्याय कम हुए: 47 से घटाकर 23
  • सेक्शन कम किए गए: 819 से घटाकर 536
  • टेबल बढ़ाए गए: 18 से बढ़ाकर 57
  • फॉर्मूले बढ़ाए गए: 6 से बढ़ाकर 46

सरकार का कहना है कि इन बदलावों से कानून को समझना आसान होगा और अस्पष्टता कम होगी।

नए अधिकार और विवाद

अब किसी भी व्यक्ति के पास अगर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में अकाउंट बुक्स या डॉक्यूमेंट हैं, तो उसे टैक्स अधिकारी को एक्सेस देने में मदद करनी होगी—जिसमें पासवर्ड या एक्सेस कोड देना भी शामिल है। अगर पासवर्ड न दिया गया तो अधिकारी खुद भी सिस्टम का एक्सेस कोड ओवरराइड कर सकते हैं।

सेलेक्ट कमिटी ने इस प्रावधान का बचाव करते हुए कहा कि जांच के दौरान व्हाट्सऐप चैट, ईमेल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में अक्सर अहम सबूत मिलते हैं, लेकिन पासवर्ड न मिलने से दिक्कत होती है।

विपक्ष का विरोध

कमिटी के कुछ सदस्यों ने इस प्रावधान का विरोध किया।

एन.के. प्रेमचंद्रन ने इसे मनमाना और निजता के अधिकार (Right to Privacy) का उल्लंघन बताया, जिसे सुप्रीम कोर्ट भी पुट्टस्वामी केस में दोहरा चुका है। उनका मानना है कि 1961 के कानून में जो प्रावधान थे, वही पर्याप्त हैं।

अमर सिंह ने कहा कि इससे सरकार को सभी प्रकार के निजी डिजिटल डेटा, पासवर्ड, चैट आदि तक पहुंचने का बहुत बड़ा अधिकार मिल जाएगा, जो गलत इस्तेमाल हो सकता है।

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