Supreme Court Stray Dogs Delhi: दिल्ली की सड़कों से 8 हफ्ते में हटेंगे आवारा कुत्ते, CM रेखा गुप्ता का ऐलान
दिल्ली में आवारा कुत्तों का खतरा अब “भयावह” रूप ले चुका है। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही एक व्यापक और व्यवस्थित नीति लेकर आएगी, ताकि सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा निर्देशों के अनुसार इस समस्या का समाधान हो सके।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनेगी एक्शन प्लान
उनका यह बयान तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सभी आवारा कुत्तों को 8 हफ्तों के भीतर पकड़कर शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कोई भी कुत्ता वापस सड़क पर नहीं छोड़ा जाएगा।
CM का सख्त रुख
रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“दिल्ली के लोग आवारा कुत्तों से परेशान हैं। हम इस मुद्दे पर लंबे समय से चर्चा कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अहम हैं और हम जनता को राहत देना चाहते हैं। समस्या बहुत बड़ी हो गई है, इसलिए हम एक प्लान बनाकर इसे लागू करेंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण संगठित और योजनाबद्ध होगा, जिसमें जनता की सुरक्षा और कोर्ट के आदेशों का पालन दोनों सुनिश्चित किए जाएंगे। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर जोर दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
28 जुलाई को दर्ज सुओ मोटो केस में, राजधानी में कुत्तों के हमले से हुई कई मौतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। इसमें पूठ कलां की 6 साल की बच्ची की मौत का मामला भी शामिल है।
कोर्ट ने दिल्ली सरकार, नगर निगमों और एनसीआर के नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम की स्थानीय निकायों को निर्देश दिए हैं:
आवारा कुत्तों को हटाने में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन पर अवमानना की कार्रवाई होगी।
कम से कम 5,000 कुत्तों के लिए शेल्टर बनाएं।
शेल्टर में नसबंदी, टीकाकरण और देखभाल के लिए पर्याप्त स्टाफ हो।
शेल्टर में CCTV निगरानी हो।

बढ़ते डॉग बाइट और रैबीज़ के मामले
पिछले कुछ महीनों में डॉग बाइट और रैबीज़ के मामलों में तेज़ी आई है, जिससे लोगों में डर का माहौल है। CM गुप्ता ने कहा,
“हमारा लक्ष्य दिल्ली की सड़कों को सभी के लिए सुरक्षित बनाना है। हम यह नहीं होने देंगे कि डर की वजह से लोग, खासकर बच्चे, अपने मोहल्लों में भी सुरक्षित महसूस न करें।”
सरकार की आगे की योजना
इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार ने कई बैठकों का आयोजन किया है। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने पिछले हफ्ते एक “मानवता-पूर्ण नीति” का आश्वासन दिया था। CM गुप्ता ने कहा कि आने वाला प्लान व्यवहारिक और लागू करने योग्य होगा—जिसमें नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ पकड़े गए कुत्तों के लिए उचित देखभाल और शेल्टर की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने सभी एजेंसियों और जनता से सहयोग की अपील की, ताकि समय पर और प्रभावी कार्यान्वयन हो सके। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की 6 हफ्ते बाद समीक्षा करेगा, तब तक दिल्ली सरकार से पर्याप्त प्रगति दिखाने की उम्मीद है।